प्रथम दर्शन

“मन है परन्तु शांत है और यह शांति मन से अलग नहीं है अपितु उसी का एक अभिन्न हिस्सा है। मन को मारा नहीं गया है अपितु उसके पार जाया गैया है। SLC का प्रादुर्भाव इसी स्थिति तक आने के लिए किया गया है। मन है परन्तु विचार नहीं है और इसलिए पीड़ा नहीं है।Continue reading “प्रथम दर्शन”

एक झलक

“मन है परन्तु शांत है और यह शांति मन से अलग नहीं है अपितु उसी का एक अभिन्न हिस्सा है। मन को मारा नहीं गया है अपितु उसके पार जाया गैया है। SLC का प्रादुर्भाव इसी स्थिति तक आने के लिए किया गया है। मन है परन्तु विचार नहीं है और इसलिए पीड़ा नहीं है।Continue reading “एक झलक”

‘THE FLOW STATE’ with yoga and meditation

Have you ever wondered when you have been your happiest self? That probably must have been when the time just passed you by and you were in a ‘ flow state’ where you indulged in an activity that challenges you but helps you utilize your skills that are unique to you. It is during thisContinue reading “‘THE FLOW STATE’ with yoga and meditation”

एक अधूरी मुलाक़ात

यूँ तो जीवन मे सब मग्नकुछ बंधी जंज़ीरें, पर सबमे लग्न। इस देह की अटारी पर खड़ी, हर रोज़ हूँ सोचतीक्या है ऐसा, जिसे पाने सारी दुनिया दौड़ती? क्या है दौलत, शौहरत और रुतबे की कुछ कमी?क्यों नही दिखती किसी भी दिल मे ज़रा सी नमी? ख़ुद की रूह को भी हूँ खखोलती,कुछ है ऐसाContinue reading “एक अधूरी मुलाक़ात”

अनुभूति से अभिव्यक्ति तक

मैं कौन हूँ? यह प्रश्न सुनकर मन हिंदी सिनेमा की बीती गलियों में पहुँच जाता है, जहाँ कोई चोट खाया आदमी अस्पताल के बिस्तर पर एक अरसे की बेहोशी से जागा है. वह याददाश्त खो चुका है, लेकिन उसे बोलना याद है. और इसी एक याद के सहारे वह घबराते हुए आसपास खड़े व्यक्तियों सेContinue reading “अनुभूति से अभिव्यक्ति तक”